प्रमुख प्रबन्धकीय कार्मिक
श्री राहुल भावे
प्रबंध निदेशक एवं सीईओ
श्री राहुल भावे एक वरिष्ठ बैंकर हैं जिनके पास विभिन्न पदों पर 25 वर्षों से अधिक का वाणिज्यिक बैंकिंग अनुभव है और उन्होंने देश भर में कार्य किया है। वे 2020 से राष्ट्रीय आवास बैंक में कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने एचएफसीस के प्रभावी पर्यवेक्षण द्वारा जमीनी स्तर पर ऋण वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए पुनर्वित्त के माध्यम से देश में एक मजबूत आवास और आवास वित्त प्रणाली को प्रोत्साहित करने के लिए कार्य किया है।
उन्हें वाणिज्यिक बैंक में विभिन्न ज़ोनस का नेतृत्व करने का अनुभव है। खुदरा परिचालन में विशेषज्ञता के अतिरिक्त, उनके पास पुनर्वित्त, पर्यवेक्षण, वसूली, जोखिम प्रबंधन और आईटी के क्षेत्रों में भी कार्य करने का अनुभव है।
श्री भावे ने आईआईएम, अहमदाबाद से सार्वजनिक प्रबंधन और नीति में एमबीए और सांख्यिकी में स्नातकोत्तर किया है। उन्होने सीएआईआईबी भी किया हुआ है।
आईएफसीआई लि. के अतिरिक्त, श्री राहुल भावे स्टॉक होल्डिंग कारपोरेशन ऑफ इण्डिया लि., आईएफसीआई वेंचर कैपिटल फंड्स लि. और आईएफसीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट लि. के बोर्ड में निदेशक हैं । श्री राहुल भावे भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान और प्रबंधन विकास संस्थान की आम सभा के सदस्य भी हैं। इसके अतिरिक्त, वह आईएफसीआई सोशल फाउंडेशन के न्यासी बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं।
श्री मणिकुमार शिवरामकृष्णन
उप प्रबंध निदेशक
श्री शिवरामकृष्णन भारत के इंस्टीट्यूट ऑफ़ कॉस्ट एकाउंटेंट्स के फेलो सदस्य (एफ़सीएमए) हैं। वे एमबीए (फाइनेंस), एमएस (बैंकिंग), एडवांस्ड पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन्स प्राप्त किया है तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ बैंकिंग एंड फाइनेंस के सर्टिफाइड एसोसिएट भी हैं।
उनके पास बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में ३ दशकों से अधिक का तथा नई वित्तीय उत्पादों की संरचना के क्षेत्रों में विशेष रूप से रणनीतिक नियोजन, वित्तीय प्रबंधन, ग्रामीण नवाचार, सूक्ष्म वित्त, वित्तीय समावेशन, ग्रामीण अवसंरचना वित्तपोषण, एकीकृत जोखिम प्रबंधन, मानव संसाधन परिवर्तन, बैंकिंग प्रौद्योगिकियाँ का अनुभव है,
उन्होंने अपने आधिकारिक करियर की शुरुआत 90 के दशक में इंडियन ओवरसीज़ बैंक से की, 1992 में नाबार्ड में शामिल हुए तथा चीफ़ जनरल मैनेजर के पद तक रहे, विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों एवं भूमिकाओं में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने नाबार्ड की वेंचर कैपिटल सब्सिडियरी नाबवेंचर्स लिमिटेड में चीफ़ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) के रूप में तथा लखनऊ के बैंकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ रूरल डेवलपमेंट (बर्ड) में फैकल्टी सदस्य के रूप में भी सेवा की है। नाबार्ड से सेवानिवृत्ति के समय वे मुंबई स्थित हेड ऑफिस में बैंक के रणनीतिक नियोजन एवं उत्पाद नवाचार विभाग के प्रभारी थे।
उन्होंने एनसीडीईएक्स, सिडबी, नाबसमृद्धि फाइनेंस लिमिटेड (नाबार्ड की एनबीएफ़सी सब्सिडियरी), नाबवेंचर्स लिमिटेड, ओपीएल फाइनेंस लिमिटेड तथा सहकार सरथी प्राइवेट लिमिटेड जैसी अनेक संस्थाओं के बोर्ड पर निदेशक के रूप में भी कार्य किया। आईएफसीआई लिमिटेड के अतिरिक्त, श्री मणिकुमार आईएफसीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड और आईएफसीआई वेंचर कैपिटल फंड्स लिमिटेड के बोर्ड में निदेशक हैं।
श्री चिराग सपरा
मुख्य वित्तीय अधिकारी
श्री चिराग सपरा एक अनुभवी वित्त विशेषज्ञ हैं, जिनके पास वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में 18 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे लेखा, वित्त और कराधान में मजबूत समझ रखते हैं। वे एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं तथा दिल्ली स्थित फ़ैकल्टी ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज़ से वित्त में एमबीए किया है।
उनका करियर आईएफ़सीआई में महत्वपूर्ण भूमिकाओं से होकर गुज़रा है, जहाँ उन्होंने कॉर्पोरेट एडवाइजरी, क्रेडिट तथा मुंबई स्थित क्षेत्रीय संचालन सहित कई विभागों में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने आईएफ़सीआई में Ind-AS और GST जैसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन का नेतृत्व भी किया है। आईएफ़सीआई में कार्यकाल से पहले, उन्होंने KPMG और Deloitte जैसी अग्रणी फर्मों में कार्य करते हुए मूल्यवान अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में वे आईएफ़सीआई में कॉर्पोरेट एकाउंट्स एवं कराधान तथा ऋण लेखा विभाग का नेतृत्व कर रहे हैं।
सुश्री प्रियंका शर्मा
कंपनी सचिव एवं मुख्य अनुपालन अधिकारी
सुश्री प्रियंका शर्मा आईएफसीआई की उप महाप्रबंधक, कंपनी सचिव और मुख्य अनुपालन अधिकारी हैं। वह भारतीय कंपनी सचिव, संस्थान की सदस्य हैं और उनके पास वाणिज्य और कानून में स्नातक की डिग्री है।
सुश्री प्रियंका शर्मा को कॉर्पोरेट कानून, अनुपालन और कॉर्पोरेट गवर्नेंस में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने आईएफसीआई के क्रेडिट विभाग में भी कार्य किया है।
